Yadav Vansh ka Itihas - करौली का यादव वंश

करौली का यादव वंश करौली के यादव वंशी राजा स्वयं को कृष्ण भगवान के वंशज मानते थे । राजस्थान में जैसलमेर के बाद यदुवंशी क्षत्रियों का दूसरा राज्य करौली था ।

Yadav Vansh ka Itihas - करौली का यादव वंश

करौली का यादव वंश
Yadav Vansh ka Itihas

  • करौली रियासत का कुछ भाग मत्स्य जनपद में तथा कुछ भाग सूरसैन जनपद में आता था ।

विजयपाल


  • करौली के यादव शाखा का मूल पुरुष/आदि पुरुष/संस्थापक विजयपाल ही था जिसने 1040 ई. में अपने राज्य की राजधानी मथुरा से हटाकर बयाना (विजय मंदिर गढ़) को बनाया ।

तिमनपाल

  • तिमनपाल ने तिमनगढ दुर्ग बनवाकर उसे अपनी नई राजधानी बनाई ।

अर्जुनपाल

  • 1327 ई में अर्जुनपाल ने तिमनगढ़ दुर्ग को मुस्लिमों से छीनकर यहा पर पुन: यादवों का शासन स्थापित किया ।
  • अर्जुनपाल ने 1348 ई. में लीसिल नदी के तट पर कल्याणपुर कस्बा बसाया ।
  • कल्याणपुर कस्बा वर्त्तमान में करौली के नाम से जाना जाता है ।
  • अर्जुनपाल ने ही यहाँ हनुमानजी की माता (अंजनी माता का मंदिर) बनयाया ।

हरवक्षपल

  • हरवक्षपाल ने 15 नवम्बर 1817 ई में ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ संधि कर अंग्रेजों की अधीनता स्वीकार कर ली
  • करौली राजस्थान की पहली रियायसत थी जिसने ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ अधीनस्थ संधि की ।

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