Friday, 12 July 2019

Rajasthan ke Lok Nritya - Part 5

कालबेलियों के नृत्य  

rajasthani dance
Rajasthan ke Lok Nritya

इंडोणी नृत्य

  • इंडोणी नृत्य स्त्री-पुरुष दोनों मिलकर करते है ।
  • यह नृत्य गोलाकार पथ पर पुंगी, खंजरी वाद्य यंत्र के साथ किया जाता है ।
  • इंडोणी घडे व सिर के बीच रखी जाने वाली एक गोलाकार वस्तु होती है ।
  • इंडोणी नृत्य में औरतो की पोशाकें बडी कलात्मक होती हैं तथा इनके वदन पर मणियों की सजावट रहती है ।

पणिहारी नृत्य

  • पणिहारी नृत्य पणिहारी गीत पर आधारित एक युगल नृत्य है ।
  • इस नृत्य के प्रमुख वाद्य ढोलक, बाँसुरी है ।
  • इसमें पनिहारिन स्त्रियाँ अपने सिर पर 5-7 मटके रखकर नृत्य करती है ।

शंकरिया नृत्य

  • यह प्रेम कथा पर आधारित स्त्री-पुरुषों का नृत्य है ।
  • इस नृत्य में अंग संचालन बहुत सुन्दर होता है ।
  • इस नृत्य की प्रमुख नृत्यांगना कंचन, सपेरा, गुलाबो, कमली एवं राजकी है ।

बांगडिया नृत्य

  • कालबेलिया महिलाओ द्वारा यह नृत्य भीख माँगते समय किया जाता है ।
  • बागडिया नृत्य में मुख्य वाद्य यंत्र चंग होता है ।
  • गुलाबों कालबेलिया नृत्य की अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार है ।

सहरिया जाति के नृत्य

झेला नृत्य

  • झेला नृत्य शाहबाद (बाराँ) की सहरिया जनजाति की स्त्री व पुरुषों (युगल जोडी) द्वारा सम्मिलित रूप से खेतों पर फसल की पकाई के समय किया जाता है ।

लहंगी नृत्य

  • सहरिया जनजाति के द्वारा किया जाने वाला नृत्य ।

सांग नृत्य

  • सहरिया जनजाति का सांग नृत्य एक युगल नृत्य है, जिसमें स्त्री-पुरुष दोनों सम्मिलित रूप से नृत्य करते है ।


बिछवा नृत्य

  • बिछवा नृत्य सहरिया जनजाति की केवल स्त्रियों का नृत्य हैं, जो महिलाओ द्वारा समूह में किया जाता है ।

इंद्रपरी नृत्य

  • इंद्रपरी नृत्य सहरिया जनजाति का नृत्य है जिसमें रागिनी गीत गाया जाता है । 
  • इस नृत्य का आयोजन विवाह के अवसर पर किया जाता है ।

शिकारी नृत्य

  • इस नृत्य में पुरुष शिकार काने का नाटक करते हैं तथा शिकार हो जाने पर शिकार के चारों और नृत्य करते हैं अत: यह नृत्य नाटिका है ।

बणजारा जाति के नृत्य 

मछली नृत्य  

  • मछली नृत्य एक नृत्य नाटक एवं धार्मिक नृत्य है जो हर्षोल्लास से शुरू होता है, लेकिन दुःख के साथ समाप्त होता है । 
  • यह नृत्य बाडमेर का प्रसिद्ध है, क्योंकि सर्वाधिक बणजारा जाति बाडमेर में रहती है ।

कंजर जाति के नृत्य

चकरी मृत्य

  • कंजर युवतियों द्वारा किया जाने वाला चक्राकार नृत्य है ।
  • इस नृत्य में प्रमुख वाद्य ढ़प (ढोलका) , मंजीरा, नगाड़ा है । चकरी नृत्य हडौती अंचल का प्रसिद्ध नृत्य है ।
  • चकरी नृत्य में महिलाएं अपने प्रियतम से श्रृंगार की वस्तु लाने के लिए कहती है ।
  • चकरी नृत्य की प्रमुख कलाकार शांति, फुलवा तथा फिलमा बाई है । 
  • इस नृत्य में मुख्यत: अविवाहित युवतियाँ ही भाग लेती है ।

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