Tuesday, 15 January 2019

राजस्थान में पर्यटन विकास - Rajasthan me Paryatan in Hindi

नमस्कार दोस्तों Raj GK में आपका स्वागत है आज हम राजस्थान में पर्यटन  विकास ( Rajasthan me Paryatan ) topic के बारे में महत्वपूर्ण Fact आपके लिए लेकर आए हैं यह पोस्ट Rajasthan GK से संबंधित है Rajasthan Tourism in Hindi में उल्लेख किया गया है

राजस्थान में पर्यटन - Rajasthan Tourism in Hindi

  • विश्व पर्यटन दिवस 27 सितम्बर को मनाया जाता है ।
  • भारतीय पर्यटन दिवस 25 जनवरी को मनाया जाता है ।
  • U.N.O. ने 2003 को अन्तर्राष्ट्रीय ईको ट्यूरिज्म वर्ष के रूप में घोषित किया ।
  • भारत का पर्यटन वाक्य है ( India tourism tagline ) ' अतिथि देवों भव ' ।
  • राजस्थान का पर्यटन वाक्य है ( rajasthan tourism tagline ) ' जाने क्या दिख जाये ' ।
  • इससे पूर्व राजस्थान का पर्यटन वाक्य  ( rajasthan tourism tagline ) ' अतुलनीय राजस्थान ' था ।
  • भारत में सर्वाधिक पर्यटक फ्रांस से आते है ।
  • फ्रांस के पश्चात इग्लैण्ड, अमेरिका, जर्मनी, इटली का स्थान है ।

  राजस्थान में पर्यटन का विकास - Rajasthan me Paryatan

  • भारत मे आने वाला हर तीसरा पर्यटक राजस्थान मे अवश्य आता है ।
  • पर्यटन विदेशी मुद्रा अर्जित करने वाला राज्य का दूसरा सबसे बड़ा उद्योग है ।
  • विदेशी पर्यटकों की दृष्टि से राजस्थान का भारत में 5 वां  स्थान है ।
  • राजस्थान मे विदेशी पर्यटकों की दृष्टि से प्रथम स्थान जयपुर का तथा दूसरा स्थान उदयपुर का है ।
  • राज्य में सर्वाधिक विदेशी पर्यटक मार्च के महीने में आते है ।
  • राज्य में सबसे कम विदेशी पर्यटक जून के महीने में आते है ।
  • स्वदेशी पर्यटको की दृष्टि से राजस्थान का भारत में 7 वां  स्थान है ।
  • राजस्थान मे स्वदेशी पर्यटको की दृष्टि से प्रथम स्थान अजमेर का तथा दूसरा स्थान पुष्कर का है ।
  • राज्य में सर्वाधिक स्वदेशी पर्यटक सितम्बर के महीने में आते है ।
  • राज्य में सबसे कम स्वदेशी पर्यटक जून के महीने में आते है ।
  • राजस्थान में पर्यटन निदेशालय की स्थापना 1955 मे की गई ।
  • राज्य पर्यटन निदेशालय का मुख्यालय जयपुर में स्थित है ।

RTDC

  • राजस्थान पर्यटन विकास निगम ( R.T.D.C.) की स्थापना 1 अप्रैल, 1979 में की गई ।
  • राजस्थान पर्यटन विकास निगम का मुख्यालय जयपुर में स्थित हैँ ।
  • राज्य में पर्यटन के विकास के लिए उत्तरदायी संस्था (R.T.D.C.) है ।
  • पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने वाला राजस्थान भारत का प्रथम राज्य है ।
  • राजस्थान ने पर्यटन को उद्योग का दर्जा 1989 में मोहम्मद युनुस समिति की सिफारिश पर दिया ।
  • पर्यटन को निर्धूम ( धुंआ रहित ) उद्योग के उपनाम से भी जाना जाता है ।

rajasthan tourism hotels पर्यटकों की आवासीय समस्या

  • पर्यटकों की आवासीय समस्या के समाधान के लिए 27 सितम्बर 1991 पेईंग गेस्ट योजना की शुरूआत ( 12 जिलों ) की गई ।
  • वर्त्तमान मे पेइंग गेस्ट योजना 33 जिलों मे चलाई जा रही है ।
  • पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पर्यटन पुलिस की तैनाती करने वाला राजस्थान भारत का प्रथम राज्य है ।
  • राजस्थान मे पर्यटन पुलिस की तैनाती 1अगस्त 2000 मे की गई ।
  • राज्य में पर्यटन पुलिस की तैनाती सर्वप्रथम जयपुर के जन्तर-मन्तर व आमेर मे की गई ।
  • राजस्थान ने अपनी पर्यटन नीति की घोषणा 27 सितम्बर, 2001 में की ।
  • भारत नें अपनी पर्यटन नीति की घोषणा 23 अक्टूबर 2002 में की ।
  • पर्यटन को जन उद्योग का दर्जा 2004-05 में दिया गया ।
  • राजस्थान पर्यटन विभाग R.T.D.C.  द्वारा पर्यटकों की सुविधा हेतु अप्रेल, 2002 में पर्यटन हेल्पलाइन सेवा की शुरूआत की गई ।

पर्यटन सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार

  • पर्यटन के क्षेत्र मे दिया जाने चाला सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार 'पाटा' पुरस्कार है  ।
  • पाटा पुरस्कार की शुरूआत 1985 में की गई ।
  • 2010 का पाटा पुरस्कार राजस्थान को दिया गया ।
  • 2014 का पाटा पुरस्कार केरल को दिया गया यह 29 वां पुरस्कार था ।

पर्यटन नीति

  • सरकार ने पर्यटन को बढावा देने व युवकों को रोजगार से जोड़ने के लिए जून 2011 में पधारो सा योजना की शुरूआत की ।
  • राजस्थान में अपनी नई पर्यटन नीति की घोषणा 2015 में की ।

पर्यटकों के लिए शाही रेलगाड़ियां

  • 1982-83 में पर्यटन के क्षेत्र में सर्वप्रथम शाही रेलगाडी ( पैलेस व्हील्स) का प्रारम्भ किया गया ।
  • 3 सितम्बर 1995 से शाही रेलगाडी को नए सिरे से शुरू किया गया और इसका नाम 'पहियों पर चलने वाला नया राजमहल  रखा गया ।
  • शाही रेलगाडी को 'द आरियण्टल  एक्सप्रेस' के नाम से भी जाना जाता है ।
  • यह ट्रेन चितौड, जैसलमेर, जोधपुर, जयपुर होते हुए दिल्ली तक जाती है।
  • 2003 में पर्यटन के क्षेत्र मे 'फेयरी क्वीन' नामक ट्रेन की शुरूआत की गई ।
  • फेयरी क्वीन शेखावाटी क्षेत्र में चलाईं जा रही है ।
  • 2004 में पर्यटन के क्षेत्र में ' विलेज आँन व्हीलस' नामक ट्रेन शुरू की गई ।
  • 2006 में पर्यटन के क्षेत्र में "हैरिटेज आँन व्हीलस' नामक ट्रेन शुरू की  गई ।
  • यह ट्रेन जयपुर, सीकर, झुंझुनू, चूरू से बीकानेर जाती है ।
  • 11 जनवरी 2009 में पर्यटन के क्षेत्र में "रॉयल राजस्थान आँन व्हीलस' नामक ट्रेन शुरू की गई ।
  • राजस्थान की नवीनतम पर्यटन ट्रेन 'द ग्रेट अरावली सफारी ट्रेन' चलाई जानी प्रस्तावित है ।
  • यह ट्रेन अजमेर, राजसमंद व उदयपुर के बीच कामली घाट वादियों में चलाई जायेगी ।

पर्यटकों के लिए बस

  • 2003 में पर्यटकों को आकर्षित करने हेतु जयपुर में डबल डेकर बस 'जयपुर प्राइड 24 की शुरूआत की गई ।
  • यह बस सियाराम सिटी संस्था द्वारा संचालित की जा रही है ।
  • बीकानेर के लाडैरा गांव में धौरा एक्सप्रैस नामक बस चलाईं जा रही है ।
  • पैलेस आँन एयर के माध्यम से पर्यटकों को वायुयान से एतिहासिक स्थलों का भ्रमण कावाया जायेगा ।
  • पैलेस आँन वेव्ज के माध्यम से हुगली, चम्बल, यमुना नदियों पर कोलकाता से धौलपुर तक नाव और बेड़ा परिभ्रमण शुरू करने की योजना प्रस्तावित है ।

Rajasthan Tour Route

मरू त्रिकोण

मरू त्रिकोण

 त्रिकोण


मरू त्रिकोण में बाडमेर को भी शामिल किया गया है । मरू त्रिकोण को जापान की J.B.I.C. संस्था के सहयोग से विकसित किया जा रहा है ।

शेखावाटी त्रिकोण

शेखावाटी त्रिकोण



शेखावाटी त्रिकोण में पर्यटन के क्षेत्र में चलाई जा रहीं ट्रेन  फेयरी क्वीन है ।

स्वर्णिम त्रिकोण

स्वर्णिम त्रिकोण

दिल्ली स्वर्णिम त्रिकोण जयपुर आगरा
स्वर्णिम त्रिकोण, गुड़गांव, अलवर भरतपुर को राष्ट्रीय राजधानी के क्षेत्र में शामिल किया गया है ।

रजत त्रिकोण

रजत त्रिकोण

मुम्बई रजत त्रिकोण बैगलुरू हैदराबाद

सौर ऊर्जा त्रिकोण


जैसलमेर सोर ऊर्जा  त्रिकोण है" बाडमेर जोधपुर हैं

राजस्थान को पर्यटन के क्षेत्र मे 9 सर्किटों मे बांटा गया है

  1. मरू सर्किट
  2. माउण्ट आबू सर्किट
  3. मेवाड सर्किट
  4. बृज सर्किट
  5. अलवर सर्किट
  6. ढूंढाड़ सर्किट
  7. शेखावटी सर्किट
  8. मेरवाड़ा सर्किट
  9. टोंक सर्किट

राजस्थान में तीन पर्यटन सर्किट प्रस्तावित है

  1. हाडोती सर्किट
  2. तीर्थ सर्किट
  3. राष्टीय राजधानी क्षेत्र सर्किट
राजस्थान में चार पर्यटन संभाग स्थित है
जोधपुर, अजमेर, उदयपुर , कोटा
  • सांभर झील को पर्यटन के क्षेत्र में ' रामसर साईट ' के नाम से जाना जाता है ।
  • दूसरा रामसर साईट केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान  भरतपुर है ।
  • राजस्थान के दर्शनीय स्थलों के महत्व का कर्नल जेम्स टॉड ने अपनी पुस्तक ' ट्रेवल  इन वेस्टर्न इंडिया ' में वर्णन किया है ।
  • विदेशी पर्यटकों की भारतीय चिकित्सा पद्धति में बढ़ रही रूची के लिए उदयपुर के केलाशपुरी व हवाला गॉव तथा जोधपुर में आयुर्वेदिक गाँव स्थापित किए गए  हैं ।
  • आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय की स्थापना जोधपुर मे की गई है ।
  • राजस्थान में आध्यात्मिक पर्यटन को बढावा देने से सम्बीधत योजना अपना धाम, अपना काम, अपना नाम' ।
  • जयपुर में पर्यटकों को असामाजिक तत्वों से बचाने हेतु चलाया गया अभियान आप्रेशन स्वागत्म ।
  • राजस्थान का प्रथम हेरीटेज होटल अजीत भवन , जोधपुर है ।

राज्य का पर्यटन लोगो चिह्न ( Rajasthan Paryatan Logo )

राज्य का पर्यटन लोगो चिह्न ( rajasthan paryatan logo )

राज्य का पर्यटन लोगो Rajasthan Paryatan Logo 


राजस्थान में रोपवे

  • राज्य का प्रथम रोपवे भीनमाल ( जालोर ) में सुण्डा माता पर्वत पर 20 दिसम्बर 2006 से संचालित है ।
  • राजस्थान का दूसरा रोपवे उदयपुर में करणी माता मंदिर पर 8 जून 2008 से संचालित है ।
  • राज्य का तीसरा रोपवे सावित्री माता मंदिर (अजमेर) में संचालित है ।
  • राज्य में जयपुर के कनक वृंदावन, माउण्ट आबू सिरोही में रोपवे प्रस्तावित है ।

world heritage sites in Rajasthan

  • 2010 को जयपुर के जंतर-मंतर को यूनेस्को की वर्ल्ड हैरीटेज की कल्चरल सूची में शामिल किया गया है ।
  • यह राज्य की पहली व देश की 23वीं धरोहर है ।
  • भरतपुर के घना पक्षी विहार को 1985 में यूनेस्को की नेचूरल हैरिटेज सूची में शामिल किया गया था ।
  • राजस्थान का प्रथम हाथी गांव जयपुर में आमेर के कुण्डा ग्राम में स्थापित किया गया है ।
  • हाथी गाँव N.H, 8 पर स्थित है । हाथी गांव के पास ही कालबेलिया' स्कूल आँफ डाँस स्थापित किया जा रहा है ।
  • हाथी गॉव एशिया का तीसरा गांव है । इस तरह के अन्य दो गॉव श्रीलंका य थाईलैण्ड में है ।

Other Important Facts

  • राज्य का पहला राजीव गांधी कन्वेशन सैंटर जोधपुर में बनाया जाएगा ।
  • भारत का यह तीसरा टूरिज्म कन्वेशन सेंटर होगा ।
  • राज्य का पहला मीरा संग्रहालय उदयपुर में स्थापित किया गया है ।
  • राज्य के पहले व भारत के चौथे हेर्मिंग बिज ( झूलता पुल ) का निर्माण चम्बल नदी पर किया गया है ।
  • रणथम्भौर में सफारी पार्क बनाया जाएगा ।
  • देश का यह तीसरा सफारी पार्क है । जिसमें वन्य जीवों को विचरण करते हुए देखा जा सकेगा ।
  • पहला कर्नाटक के बनारघाटा नेशनल पार्क में तथा दूसरा  भोपाल में स्थित है ।
  • उदयपुर को भारत का सर्वश्रेष्ट अवकाश स्थान के रुप में चुना गया है
दोस्तों यह Rajasthan GK (Raj GK ) Rpsc Exam ka gk याद करने का सबसे आसान तरीका है इस पोस्ट से आप राजस्थान में पर्यटन - Rajasthan me Paryatan in Hindi में Step by Step आसानी से पढ़कर याद कर सकते हैं अगर आपको हमारी पोस्ट अच्छी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों को जरूर शेयर करना
Previous Post
Next Post

post written by:

0 comments:

Popular Posts