Wednesday, 2 January 2019

राजस्थान में किसान आंदोलन | Farmers Movement Information in Rajasthan

राजस्थान में किसान आंदोलन | Farmers Movement Information in Rajasthan जागीरदारो द्वारा किसानों का आर्थिक शोषण के कारण राजस्थान के हर क्षेत्र में किसान आंदोलन प्रारंभ हुए राजस्थान में किसान आंदोलन  से संबंधित महत्वपूर्ण Information का समावेश इस पोस्ट में किया गया है यह पोस्ट GK से संबंधित आपके ज्ञान को बेहतर बनाने के लिए सहायक है

राजस्थान में किसान आंदोलन ( Farmers Movement Information in Rajasthan )

राजस्थान में किसान आंदोलन | Farmers Movement Information in Rajasthan
राजस्थान में किसान आंदोलन | Farmers Movement Information in Rajasthan


बिजौलिया किसान आंदोलन | Bijaulia Kisan Movement 1897 to 1941 

  • भारत का प्रथम अहिंसात्मक एवं असहयोगात्मक किसान आंदोलन बिजोलिया किसान आंदोलन था
  • बिजोलिया कृषक आंदोलन का सफल नेतृत्व विजय सिंह पथिक ने किया था
  • विजय सिंह पथिक ने बिजोलिया के आंदोलन का नेतृत्व 1916 में किया था
  • बिजोलिया किसान आंदोलन को भारत का एकमात्र पंच बोर्ड किसान आंदोलन भी बोला जाता है
  • विजय सिंह पथिक का मूल नाम भूपसिंह  था
  • विजय सिंह पथिक जो कि बिजोलिया किसान आंदोलन में भाग लेने से पहले टॉडगढ़ अजमेर में नजरबंद थे
  • बिजोलिया किसान आंदोलन के मुख्य कारणों में चंवरी कर और तलवार बंधाई नामक करो से उपजा कृषक असंतोष भी माना जाता है
  • चंवरी कर किसानों द्वारा अपनी पुत्री के विवाह अवसर पर प्रति विवाह ₹5 दिया जाने वाला कर था जो ठाकुर किशन सिंह द्वारा 1903 में लगाया गया था
  • तलवार बंधाई जागीरदार के उत्तराधिकारी हेतु वसूला गया शुल्क था जो ठाकुर पृथ्वी सिंह द्वारा 1906 में लगाया गया था
  • विजय सिंह पथिक को किसान आंदोलन का जनक भी कहा जाता है
  • राजस्थान केसरी और नवीन राजस्थान नामक समाचार पत्रों का बिजोलिया किसान आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान था दोनों ही समाचार पत्रों के संपादक विजय सिंह पथिक थे
  • राजस्थान सेवा संघ की स्थापना 1919 में वर्धा महाराष्ट्र में विजय सिंह पथिक ने की थी

बेंगु किसान आंदोलन ,चित्तौड़गढ़ | Bengu Kisan Movement 1921-23 

  • इस किसान आंदोलन का नेतृत्व रामनारायण चौधरी ने किया था
  • बेंगू किसान आंदोलन में तरुण राजस्थान नामक समाचार पत्र का महत्वपूर्ण योगदान रहा था
  • इस किसान आंदोलन में मेवाड़ रियासत ने किसानों की समस्याओं के हल हेतु ट्रेंचआयोग का गठन किया
  • बेंगू किसान आंदोलन में 1921 में मेनाल किसान सभा में किसानों और ठाकुर अनूप सिंह के मध्य हुए समझौते को बोल्शेविक समझौता कहा जाता है
  • बेंगू किसान आंदोलन गोविंदपुरा हत्याकांड के लिए विख्यात रहा है 13 जुलाई 1923 को भीलवाड़ा जिले में हुए इस हत्याकांड में रूपा जी धाकड़ और कृपा जी धाकड़ शहीद हो गए थे

 बूंदी किसान आंदोलन | Bundi Kisan Movement 1926

  • नानक जी भील डाबी हत्याकांड बूंदी किसान आंदोलन का प्रमुख शहीद था
  • नानक जी भील को राजस्थान का प्रमुख शहीद बोला जाता है
  • 1926 में पंडित नैनू राम शर्मा रामनारायण चौधरी और हरिभाई किंकर ने बूंदी किसान आंदोलन प्रारंभ किया था
  • बूंदी किसान आंदोलन बरड क्षेत्र के किसानों ने किया था
  • बूंदी किसान आंदोलन लगभग 17 वर्ष तक चला
  • माणिक्य लाल वर्मा ने बिजोलिया किसान आंदोलन के दौरान पंछीड़ा गीत एवं नानक जी भील की स्मृति में अर्जी नामक गीत की रचना की थी

मारवाड़ में किसान आन्दोलन | Marwar Kisan Movement 

  • मारवाड़ किसान आंदोलन का आरंभ 1920 में तोल आंदोलन से माना जाता है
  • मारवाड़ किसान आंदोलन के दौरान डीडवाना नागौर में 13 मार्च 1947 को डाबड़ा हत्या कांड हुआ था
  • जोधपुर में तोल आंदोलन की शुरुआत 1921 20 में चांदमल सुराणा ने की थी
  • चांदमल पुराण में मारवाड़ सेवा संघ की स्थापना की जिसे बाद में मारवाड़ हितकारिणी सभा नाम दिया गया था

नीमूचणा किसान आंदोलन | Neemuchana Kisan Movement 1923 to 24

  • अलवर किसान आंदोलन 14 मई 1925 को गठित नीमूचणा हत्याकांड के लिए प्रसिद्ध है
  • 31 मई 1925 को नीमूचणा हत्याकांड तरुण राजस्थान समाचार पत्र में प्रकाशित हुआ
  • नीमूचणा हत्याकांड को महात्मा गांधी ने दोहरी डायरशाही और जलियांवाला बाग हत्याकांड से भी अधिक बुरा बताया था

दूधवा-खारा किसान आंदोलन  Dudhawa-Khara Kisan Movement 1946 to 47

  • यह बीकानेर रियासत के चुरू में हुआ। बीकानेर रियासत के दूधवाखारा व कांगड़ा गांव के किसानों ने जागीरदारों के अत्याचार व शोषण के विरुद्ध आंदोलन किया। 
  • दूधवा खारा किसान आंदोलन चूरू के नेता हनुमान सिंह की जेल में 65 दिन की भूख हड़ताल के कारण मृत्यु हो गई थी

शेखावटी किसान आंदोलन | Shekhawati Kisan Movement 1925

  • शेखावाटी किसान आंदोलन के दौरान राम नारायण चौधरी ने डेल्ली हैरोल्ड ( लंदन ) का प्रमुखता से प्रयोग आंदोलन को प्रभावी मुद्दा बनाने में किया था
  • सीकर मे ठाकुर कल्याण सिंह द्वारा 1922 में 25% से 50% तक भूमि लगान वसूल किए जाने के कारण किसानों ने आंदोलन प्रारंभ कर दिया
  • अप्रैल 1935 को सरदार हरलाल सिंह की पत्नी श्रीमती किशोरी देवी ने कटराथल महिला सम्मेलन सीकर का आंदोलन किया था
  • सरदार हरलाल सिंह जाट किसान आंदोलन शेखावाटी सीकर के ख्याति प्राप्त नेता थे

प्रमुख हत्याकांड

  • जयसिंह पुरा हत्याकांड 21 जून 1934
  • खूडी गांव हत्याकांड 25 मार्च 1935
  • कुंदन हत्याकांड 26 मई 1935 इस हत्याकांड ने शेखावाटी किसान आंदोलन को राष्ट्रीय भर में चर्चा का विषय बना दिया था
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